Pratha Pratigya

कोरबा में मेगा लीगल कैम्प का आयोजन किया गया।

छत्तीसगढ़ / कोरबा ( विकास सोनी संवाददाता कोरबा ) राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार दिनांक 31 अक्टूबर 2022 से 13 नवम्बर 2022 तक कानूनी जागरूकता आउटरीच के माध्यम से नागरिकों को सशक्तिकरण एवं हक हमारा भी तो है जेल बंदियों के लिये विशेष अभियान का आयोजन जिला एवं तहसील स्तर पर किया जा रहा है। इसी प्रयोजन के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के द्वारा महिला बाल विकास विभाग कोरबा के संयुक्त तत्वाधान में जिला पंचायत कोरबा के सभागृह में मेगा लीगल सर्विस कैम्प का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि राजीव कुमार, विशेष न्यायाधीश कोरबा के द्वारा अपने उद्बोधन में कहा गया कि उक्त अभियान राष्ट्रीय स्तर पर किया जा रहा है जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के द्वारा टीमों का गठन किया गया है, उक्त टीम कोरबा जिले के समस्त ग्राम पंचायत एवं उनके आश्रित ग्राम में जाकर विधिक जागरूकता कार्यक्रम के तहत् जागरूकता कैम्प, घर-घर अभियान कर रहे अब तक कुल 292 ग्राम पंचायतों में विधिक जागरूकता कैम्प किया गया है। जिसमें टीम के द्वारा 9554 व्यक्तियों को कानूनी जानकारी दी गई है।
अति विशिष्ट अतिथि कु.संघपुष्पा भतपहरी, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोरबा के द्वारा अपने उद्बोधन में कहा गया कि संविधान एवं कानून की जानकारी प्रत्येक व्यक्तियों को होना चाहिये । कानूनी जागरूकता से ही अपराध में कमी आयेगी ,  संवैधानिक परिकल्पना, न्याय को समान आधार पर बढ़ावा देने का प्रावधान करने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित करती है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक या अन्य अक्षमताओं के कारण न्याय से वंचित न रहें । परिकल्पना की इसी भावना के अनुरूप विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 को अधिनियमित किया गया था। जिसे बाद में संशोधित कर विधिक सेवा प्राधिकरण(संशोधन) अधिनियम 1994 एवं (संशोधन) अधिनियम 2002 के द्वारा संशोधित किया गया। महिलाओं को हमारे संविधान ने समानता का अधिकार प्रदान किया गया है, कानून के समक्ष पुरूष एवं महिला को समान काम के बदले समान वेतन देने का प्रावधान है, हमारा संविधान महिलाओं को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार देता है। संविधान के द्वारा हमें मौलिक अधिकार दिया है इसके साथ ही किसी के अधिकार का हनन न हो इसके लिये हमारे मौलिक कर्तव्य भी है, इनका पालन करने से किसी भी व्यक्ति के अधिकार का हनन नहीं होगा। घरेुल हिंसा, महिला उत्पीड़न, लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण एवं अन्य कानूनी जानकारी दी गई।
श्रीमती ज्योति अग्रवाल, अपर सत्र न्यायाधीश, एफ.टी.सी. कोरबा के द्वारा विधिक सेवा योजनाओं के निःशुल्क विधिक सेवा योजनाओं के संबंध में जानकारी देते हुये कहा गया कि आज नालसा के एप्प न्याय बंधु के माध्यम से अपनी समस्याओं को लिखकर एप्प में डाउनलोड करके भी निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान कर सकते है। जिसे नालसा के द्वारा संबंधित क्षेत्र को निराकरण करने के लिये भेजा जाता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के द्वारा उक्त समस्याओं को संबंधित विभाग को प्रेषित किया जाता है। नालसा की नवीन योजनाओं, मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति, वरिष्ठ नागरिक के अधिकार, गरीबी उन्मूलन, बालको के अधिकार एवं संरक्षण एवं अनूसचित जाति जनजाति के अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई ।
कु. रूचि सार्दुल, डिप्टी कलेक्टर कोरबा के द्वारा राज्य शासन के कल्याणकारी योजनायें,
नरूवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी योजनाए, गोधन योजना एवं गोबर एवं गौमूत्र खरीदी की जानकारी देते हुये आम नागरिकों को इनके संग्रहण करके आय अर्जित करने की सलाह दी गई। श्रीमती अर्चना उपाध्याय महिला आयोग के सदस्य के द्वारा महिला उत्पीड़न की जानकारी एवं 125 भरण पोषण की कानूनी जानकारी दी गई । कृष्ण कुमार सूर्यवंशी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोरबा के द्वारा मेगा लीगल सर्विस कैम्प में आये समस्त न्यायिक अधिकारी, महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, विधि के छात्र एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के कर्मचारियों का आभार प्रदर्शन किया गया । उक्त अवसर पर व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-एक कोरबा, हरिश चन्द मिश्र, श्रीमती प्रतिक्षा अग्रवाल, प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारी मंजीत जांगड़े, श्रीमती रिचा यादव, श्रीमती संगीता कोर्राम, परियोजना अधिकारी, महिला बाल विकास विभाग कोरबा उपस्थित हुई । श्रीमती स्वाती राठौर, पर्यवेक्षक, महिला बाल विकास विभाग कोरबा के द्वारा मंच का संचालन किया गया ।

 

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