August 15, 2022

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लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीएचसी अधीक्षक व अन्य गुर्गों ने बोला हमला

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प्रथा प्रतिज्ञा

न्यूज़ रिपोर्ट राकेश कुमार

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीएचसी अधीक्षक व अन्य गुर्गों ने बोला हमला

पत्रकार को बनाया बंधक,प्रशसन के पहुंचने के बाद पत्रकार हुआ।बंधक मुक्त,पत्रकारों ने जिला प्रशासन को दिया ज्ञापन,मामला दर्ज किए जाने की मांग

रायबरेली।लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला करने वालों की तादाद में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जबकि प्रदेश सरकार व प्रशासन लगातार अपने कार्यकाल की अच्छाइयां सोशल मीडिया के माध्यम से और अन्य माध्यमों से प्रसारित कर लोगों को समुचित न्याय चुस्त-दुरुस्त पुलिस प्रशासन आदि को लेकर अपने मुंह मियां मिट्ठू बन रहे हैं।जबकि वर्तमान स्थिति का पता लगाना शासन प्रशासन के लिए बेहद जरूरी है। आए दिन कोई ना कोई इनामिया लगातार पकड़ा जा रहा है।हिस्ट्री सीटरों पर भी कार्यवाही हो रही है।किसी भी प्रकार के अपराधिक इतिहास रखने वालों को शासन प्रशासन द्वारा बख्सा नहीं जा रहा है।इतना सब कुछ होने के बावजूद भी लोगों से पुलिस प्रशासन का भय खत्म होता नजर आ रहा है। आखिर वजह क्या है? जो इतने कड़े कायदे नियम कानून के बाद भी न्यायिक प्रक्रिया को अपने हाथों में लेकर फैसला “ऑन द स्पॉट” करने की कोशिश करते हैं या फिर कुछ लोग तो कर डालते हैं।अब सवाल उठता है कि ऐसे लोगों पर शासन प्रशासन कार्यवाही करने से क्यों बचते हैं।जो नियम कानून को स्वयं अपने हाथों में ले लेते हैं। वजह क्या है शासन प्रशासन पर विश्वास नहीं है या फिर खुद के फैसलों पर ज्यादा यकीन रखते हैं।ऐसा ही मामला सलोन कोतवाली क्षेत्र के सलोन सीएचसी में फैसला “ऑन द स्पॉट” करने की कोशिश की गई किंतु वहां पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों व अन्य लोगों के वजह से बात जंगल में आग की तरह फ़ैल गई।जिससे पत्रकार कपिल त्रिपाठी और अनुभव शुक्ला को प्रशासन द्वारा मुक्त कराया गया। बताते चलें कि बीते दिनों सलोन सीएचसी में दवाइयों के जलाने का वीडियो वायरल हुआ था। वायरल वीडियो को लेकर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ में कार्यरत पत्रकार कपिल त्रिपाठी ने खबर को नेशनल न्यूज़ और अनुभव शुक्ला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया और चलाया। खबर के प्रकाशित होने पर सलोन सीएससी अधीक्षक का माथा ठनक गया।सलोन सीएचसी अधीक्षक ने पत्रकार को धमकी जांच आदि का डर दिखाया।किंतु सीएचसी अधीक्षक अपने को फंसता देख हाथ पांव फूलने लगे।वही बुधवार की सुबह फौजदारी में घायलों की खबर को कवर करने गए पत्रकार को सीएचसी अधीक्षक व उनके अन्य गुर्गों ने बंधक बनाकर मारा पीटा और मोबाइल, पर्श और पैसों आदि को छीन लिया।लेकिन वहां पर मौजूद लोगों की वजह से बात फैल गई अन्यथा सीएचसी अधीक्षक अपने घटना को अंजाम देने में सफल हो जाते।लेकिन पत्रकार के बन्धक बनाने की सूचना मिलते ही अन्य पत्रकार साथी मौके पर पहुंच कर मामले को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में दिया।जिससे मौके पर पहुंचे सलोन सीओ व कोतवाल ने पत्रकार कपिल त्रिपाठी को बंधक मुक्त कराया और मामले को दर्ज किए जाने को कहा।वहीं पत्रकारों के संगठन ने जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर कर मामले की जांच कर उचित कार्यवाही किए जाने की मांग की।सूत्रों की माने तो सीएचसी अधीक्षक का तबादला पूर्व कोविड़ के समय हो चुका था।लेकिन अच्छी पैठ के कारण सलोन सीएचसी में पैर जमाए है।क्योंंकि पकड़ बड़ी तगड़ी है।जिस वजह से उनका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता।इस पूरे घटना क्रम में किसी बड़े बूढ़े की कहावत चरितार्थ करती नजर आती है की बाप बड़ा न भैया,सबसे बड़ा रूपया।जिसके पास रुपया है वह लगभग हर मामलों से बरी हो रहा है।समाज में घूम कर अपना रुतबा भी दिखा रहा है।

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